सत्यनारायण पूजा एवं कथा
विवाह के बाद, नए घर में आने पर, पूर्णिमा पर या मनोकामना पूरी होने पर परिवार सत्यनारायण पूजा करवाते हैं। इसमें भगवान विष्णु की पूजा के साथ परिवार के लोग कथा के पाँच अध्याय सुनते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधि
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विवाह के बाद, नए घर में आने पर, पूर्णिमा पर या मनोकामना पूरी होने पर परिवार सत्यनारायण पूजा करवाते हैं। इसमें भगवान विष्णु की पूजा के साथ परिवार के लोग कथा के पाँच अध्याय सुनते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिशिव आराधना और परिवार की सुख-शांति के लिए रुद्राभिषेक करवाया जाता है। पंडित जी रुद्र मंत्र पढ़ते हैं और शिवलिंग पर जल व पंचामृत चढ़ाया जाता है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिमंगल शांति के लिए भात पूजा करवाई जाती है। अक्सर विवाह से पहले कुंडली देखने के बाद पंडित जी इसकी सलाह देते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिदेवी अर्चना छोटी पूजा है जिसमें माँ के नाम लेकर फूल और भोग चढ़ाते हैं। परिवार की रक्षा, साहस, कल्याण या माँ का आभार मानने के लिए यह पूजा करवाई जाती है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिभक्त काल भैरव को रक्षक देवता मानकर रक्षा, साहस और भय दूर करने की प्रार्थना करते हैं। उज्जैन आने वाले कई परिवार इस पूजा को अपनी यात्रा में शामिल करते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिविवाह, नए व्यवसाय या परिवार के किसी शुभ काम से पहले गणेश अर्चना करवाई जाती है। पंडित जी गणेश जी के नाम पढ़ते हैं और आप दूर्वा, फूल व भोग चढ़ाते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिकालसर्प शांति ज्योतिष परंपरा में राहु–केतु से जुड़ी पूजा है। आम तौर पर कुंडली देखकर पंडित जी इसकी सलाह देते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिनवग्रह शांति में नौ ग्रहों की पूजा की जाती है। परिवार गृह प्रवेश के साथ या कुंडली परामर्श के बाद घर की शांति और नए काम में अनुकूलता की प्रार्थना के लिए इसे करवाते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिज्योतिष में अंगारक शांति मंगल और राहु से जुड़ी पूजा है। कुंडली पर चर्चा के बाद पंडित जी की सलाह पर इसे करवाया जाता है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिलघु रुद्र में रुद्रम का बार-बार पाठ और शिव अभिषेक होता है। परिवार किसी बड़े संकल्प या विशेष शिव पूजा के लिए इसे करवाते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिमहारुद्र बड़े पारिवारिक, मंदिर या सामूहिक संकल्प के लिए करवाया जाता है। इसमें रुद्रम के बहुत से पाठ और अनुभवी पंडितों की टीम चाहिए।
पूजा का महत्व और पूरी विधिआरोग्य, लंबी आयु और कठिन समय में हिम्मत के लिए परिवार महामृत्युंजय जाप करवाते हैं। जन्मदिन या पारिवारिक संकल्प पर भी यह जाप रखा जाता है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिनवरात्रि में या माँ से रक्षा और शक्ति की प्रार्थना के लिए दुर्गा सप्तशती पाठ करवाया जाता है। पंडित जी तेरहों अध्यायों में देवी के चरित्र और स्तुतियाँ पढ़ते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिगृह प्रवेश, विवाह, व्यवसाय की शुरुआत या परिवार के किसी शुभ काम से पहले गणपति पूजा और हवन करवा सकते हैं। शुभ शुरुआत, सद्बुद्धि और विघ्न दूर करने की प्रार्थना की जाती है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिदीपावली, नई दुकान या व्यवसाय की शुरुआत और घर की पूजा में लक्ष्मी–गणेश पूजन करवाया जाता है। परिवार सुख-समृद्धि और काम में सद्बुद्धि की प्रार्थना करता है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिनए घर में रहने की शुरुआत पर गृह प्रवेश पूजा करवाई जाती है। घर में रहने वाले सभी लोगों की सुख-शांति और कल्याण की प्रार्थना होती है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिहनुमान उपासना, साहस, धैर्य और घर की शांति के लिए सुंदरकांड पाठ करवाया जाता है। पंडित जी तुलसीदास कृत रामचरितमानस का सुंदरकांड पढ़ते हैं, जिसमें हनुमान जी की लंका यात्रा और सीता जी से भेंट के प्रसंग आते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिनक्षत्र शांति जन्म नक्षत्र से जुड़ी पूजा है। जन्मदिन, जन्म के बाद की पारिवारिक रीति या पंडित जी की विशेष सलाह पर इसे करवाया जाता है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिपरिवार के कल्याण, जन्मदिन, जन्माष्टमी या गोपाल मंदिर दर्शन के समय कृष्ण पूजा और भोग अर्पित करवा सकते हैं। फूल और भोग मंदिर की रोज की सेवा के समय के अनुसार चढ़ाए जाते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधियहाँ अनुमानित मूल्य दिए हैं। बुकिंग से पहले विधि, शामिल सामान और कुल राशि बता दी जाएगी। मंदिर टिकट, यात्रा और विशेष अर्पण अलग हैं, जब तक आपके विवरण में शामिल न हों।
उज्जैन में कौन सी पूजा करवानी है और कब आना चाहते हैं, यह बताएँ। तय न हो तो नीचे मदद वाला विकल्प चुनें।
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