सत्यनारायण पूजा एवं कथा
सत्यनारायण पूजन, कथा के पाँचों अध्याय, भोग और आरती।
यह पूजा क्यों की जाती है?
विवाह के बाद, नए घर में आने पर, पूर्णिमा पर या मनोकामना पूरी होने पर परिवार सत्यनारायण पूजा करवाते हैं। इसमें भगवान विष्णु की पूजा के साथ परिवार के लोग कथा के पाँच अध्याय सुनते हैं।
कथा में सत्य बोलने, वचन निभाने और प्रसाद के महत्व की बातें आती हैं। केवल पूजा में बैठने वाले व्यक्ति ही नहीं, परिवार के बाकी लोग भी कथा सुनने के लिए समय रखें।
किन अवसरों पर करवाते हैं
- पूर्णिमा और पारिवारिक व्रत
- विवाह या गृह प्रवेश के बाद
- कृतज्ञता या संकल्प की पूर्ति
पूजा की पूरी विधि
नीचे पूजा का सामान्य क्रम दिया है। बुकिंग से पहले पंडित जी बता देंगे कि कौन से पाठ होंगे, कितनी बार होंगे और मंदिर में कोई अलग रीति है या नहीं।
पूजा स्थल और संकल्प
सत्यनारायण भगवान का चित्र, कलश और पूजा का सामान लगाया जाता है। पंडित जी आपके नाम से पूजा और कथा का संकल्प कराते हैं।
गणेश पूजा और कलश स्थापना
पहले गणेश पूजा होती है। पंडित जी कलश स्थापना और परिवार की परंपरा के अनुसार बाकी प्रारंभिक पूजन कराते हैं।
सत्यनारायण पूजन
आप पंडित जी के बताए क्रम से सत्यनारायण भगवान को जल, चंदन, फूल, तुलसी, धूप और दीप अर्पित करते हैं।
कथा के पाँच अध्याय
पंडित जी कथा के पाँचों अध्याय सुनाते हैं। परिवार के लोग सुनते हैं और जयकारे में शामिल होते हैं। कोई प्रसंग समझ न आए तो उसका अर्थ पूछ सकते हैं।
नैवेद्य और तैयार प्रसाद
तैयार प्रसाद, फल और दूसरे भोग भगवान को चढ़ाए जाते हैं। प्रसाद कैसे और कितने लोगों के लिए बनाना है, यह पहले बता दें।
आरती और पुष्पांजलि
परिवार के साथ सत्यनारायण भगवान की आरती करें। अंत में फूल चढ़ाकर प्रणाम किया जाता है और पूजा पूरी होती है।
प्रसाद वितरण
उपस्थित लोगों को प्रसाद दिया जाता है। व्रत रखा हो तो उसे कब और कैसे खोलना है, पंडित जी से पहले पूछ लें।
आप और परिवार कैसे शामिल हों
जिसके नाम से पूजा है, वह पंडित जी के साथ बैठता है। बाकी परिवार कथा और आरती में शामिल हो सकता है। हवन और भोजन अलग बुक होते हैं।
क्या तैयारी करें
- भगवान का चित्र, स्वच्छ स्थान और बैठने की व्यवस्था
- प्रसाद कौन बनाएगा और कितने लोगों के लिए, यह तय करें
- व्रत और पारिवारिक परंपरा पंडित जी से पूछें
कितने लोग आएँगे और किसी को कुर्सी या पूजा तक पहुँचने में मदद चाहिए तो बता दें। बुकिंग होने पर सामान की सूची, समय और मिलने का स्थान भेज देंगे।
पूजा कहाँ होगी?
उज्जैन में घर, मंदिर की अनुमति वाला स्थान या अलग पूजा स्थल बुकिंग से पहले बता दिया जाएगा।
अनुमानित मूल्य और शामिल व्यवस्था
यहाँ बताई पूजा का अनुमान ₹11,000 से है। स्थान, तिथि और पंडित की व्यवस्था देखकर अंतिम कुल राशि बता दी जाएगी।
- आपकी बुक की गई पूजा और पाठों की पंडित दक्षिणा।
- इस पूजा में लगने वाला सामान्य सामान।
- परिवार के नाम से पूजा और हमारी स्थानीय टीम की सहायता।
मंदिर टिकट, वाहन, आवास, विशेष अर्पण, स्थान का किराया, भोजन और प्रसाद भेजना अलग हैं, जब तक आपके मूल्य में शामिल न हों। कर या अतिरिक्त शुल्क भुगतान से पहले बता दिया जाएगा।
भस्म आरती और महाकालेश्वर प्रवेश की अनुमति इस व्यक्तिगत पूजा से अलग हैं।
