श्री कृष्ण पूजा एवं भोग
मंदिर की दैनिक सेवा के अनुसार कृष्ण पूजन और भोग अर्पण।
यह पूजा क्यों की जाती है?
परिवार के कल्याण, जन्मदिन, जन्माष्टमी या गोपाल मंदिर दर्शन के समय कृष्ण पूजा और भोग अर्पित करवा सकते हैं। फूल और भोग मंदिर की रोज की सेवा के समय के अनुसार चढ़ाए जाते हैं।
भगवान को चढ़ाया भोजन भोग कहलाता है और अर्पण के बाद प्रसाद मिलता है। भोग में क्या बनेगा, कितनी मात्रा होगी और किस समय चढ़ेगा, यह पहले तय कर लें।
किन अवसरों पर करवाते हैं
- द्वारकाधीश गोपाल मंदिर दर्शन
- जन्माष्टमी या परिवार की कृष्ण पूजा
- जन्मदिन या कृतज्ञता
पूजा की पूरी विधि
नीचे पूजा का सामान्य क्रम दिया है। बुकिंग से पहले पंडित जी बता देंगे कि कौन से पाठ होंगे, कितनी बार होंगे और मंदिर में कोई अलग रीति है या नहीं।
सेवा का समय और अर्पण तय करना
हम मंदिर की सेवा का समय और आपके चुने भोग की व्यवस्था पूछ लेते हैं। दर्शन से पहले आपको समय और मिलने की जानकारी मिल जाती है।
परिवार का संकल्प
पंडित जी परिवार के नाम से संकल्प कराते हैं और बताते हैं कि आप मंदिर की पूजा में कैसे शामिल होंगे।
कृष्ण ध्यान और प्रार्थना
कृष्ण ध्यान और पूजा में बताए मंत्र या नाम पाठ में आप शामिल होते हैं।
पुष्प और अनुमत तुलसी अर्पण
फूल, मंदिर में स्वीकार होने पर तुलसी और दूसरी बुक की गई सामग्री सेवा के लिए पुजारी को दी जाती है।
भोग अर्पण
मंदिर के पुजारी सेवा के समय भोग चढ़ाते हैं। उसकी तैयारी और मात्रा बुकिंग में तय जानकारी के अनुसार होती है।
दर्शन और प्रसाद
दर्शन के बाद पूजा का प्रसाद मिलता है। मंदिर की आरती में शामिल होना हो तो उसका समय पूछ लें।
आप और परिवार कैसे शामिल हों
आप संकल्प, प्रार्थना और दर्शन में शामिल होते हैं। भगवान की रोज की सेवा मंदिर के पुजारी करते हैं।
क्या तैयारी करें
- भोग और उसकी तैयारी तय करें
- दैनिक सेवा समय और मंदिर की स्वीकृति पूछें
- प्रसाद कैसे मिलेगा या लेना होगा, यह पूछें
कितने लोग आएँगे और किसी को कुर्सी या पूजा तक पहुँचने में मदद चाहिए तो बता दें। बुकिंग होने पर सामान की सूची, समय और मिलने का स्थान भेज देंगे।
पूजा कहाँ होगी?
इस पूजा के लिए आप यहाँ की व्यवस्था पूछ सकते हैं: द्वारकाधीश गोपाल मंदिर. भोग मंदिर की सेवा के समय पर चढ़ता है। क्या और कब चढ़ा सकते हैं, इसकी पुष्टि पहले कर दी जाएगी।
अनुमानित मूल्य और शामिल व्यवस्था
यहाँ बताई पूजा का अनुमान ₹7,100 से है। स्थान, तिथि और पंडित की व्यवस्था देखकर अंतिम कुल राशि बता दी जाएगी।
- आपकी बुक की गई पूजा और पाठों की पंडित दक्षिणा।
- इस पूजा में लगने वाला सामान्य सामान।
- परिवार के नाम से पूजा और हमारी स्थानीय टीम की सहायता।
मंदिर टिकट, वाहन, आवास, विशेष अर्पण, स्थान का किराया, भोजन और प्रसाद भेजना अलग हैं, जब तक आपके मूल्य में शामिल न हों। कर या अतिरिक्त शुल्क भुगतान से पहले बता दिया जाएगा।
भस्म आरती और महाकालेश्वर प्रवेश की अनुमति इस व्यक्तिगत पूजा से अलग हैं।
