मंगल भात पूजा
चुने हुए शिव मंदिर में मंगल पूजन और पारंपरिक भात अर्पण।
यह पूजा क्यों की जाती है?
मंगल शांति के लिए भात पूजा करवाई जाती है। अक्सर विवाह से पहले कुंडली देखने के बाद पंडित जी इसकी सलाह देते हैं। इसमें शिव जी को पका हुआ भात चढ़ाया जाता है। उज्जैन में मंगलनाथ या अंगारेश्वर की व्यवस्था के बारे में पूछ सकते हैं।
किस मंदिर में पूजा करवानी है, यह पहले साफ कर लें। मंगलनाथ और अंगारेश्वर अलग मंदिर हैं और वहाँ की व्यवस्था अलग हो सकती है।
किन अवसरों पर करवाते हैं
- कुंडली की चर्चा के बाद सुझाई गई मंगल शांति
- विवाह से पहले, पारिवारिक परंपरा के अनुसार
- मंगलनाथ या अंगारेश्वर में व्यक्तिगत संकल्प
पूजा की पूरी विधि
नीचे पूजा का सामान्य क्रम दिया है। बुकिंग से पहले पंडित जी बता देंगे कि कौन से पाठ होंगे, कितनी बार होंगे और मंदिर में कोई अलग रीति है या नहीं।
मंदिर और संकल्प की पुष्टि
पंडित जी नाम, गोत्र और पूजा के लिए जरूरी जन्म विवरण पूछते हैं। मंदिर की पुष्टि करके मंगल शांति का संकल्प कराया जाता है।
गणेश पूजा और प्रारंभिक पूजन
गणेश पूजा और मंदिर की परंपरा के शुरुआती मंत्रों से पूजा शुरू होती है। पंडित जी बताते हैं कि कब फूल चढ़ाने हैं और कब मंत्र दोहराना है।
मंगल पूजन और मंत्र पाठ
पंडित जी मंगल पूजन और मंत्र पाठ करते हैं। वे जो सामग्री दें, उसे उनके बताए अनुसार अर्पित करें।
शिव अभिषेक
भात चढ़ाने से पहले शिव पूजा और अभिषेक होता है। शिवलिंग पर कौन सी सामग्री चढ़ेगी, यह मंदिर की व्यवस्था के अनुसार रहता है।
भात अर्पण
मंदिर के पुजारी तैयार भात शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। यही इस पूजा का मुख्य भात अर्पण है।
समापन प्रार्थना और आरती
मंगल शांति की प्रार्थना और आरती से पूजा पूरी होती है। साथ में हवन या दूसरी ग्रह पूजा करवानी हो तो पहले बता दें।
आप और परिवार कैसे शामिल हों
जिसके लिए मंगल शांति है, उसका नाम संकल्प में लिया जाता है। उसे स्वयं आना जरूरी है या नहीं, यह पंडित जी से पूछें।
क्या तैयारी करें
- मंगलनाथ या अंगारेश्वर का नाम स्पष्ट तय करें
- पंडित जी द्वारा माँगा गया जरूरी जन्म विवरण दें
- भात की तैयारी और हवन की व्यवस्था अलग तय करें
कितने लोग आएँगे और किसी को कुर्सी या पूजा तक पहुँचने में मदद चाहिए तो बता दें। बुकिंग होने पर सामान की सूची, समय और मिलने का स्थान भेज देंगे।
पूजा कहाँ होगी?
इस पूजा के लिए आप यहाँ की व्यवस्था पूछ सकते हैं: श्री मंगलनाथ. मंदिर और पूजा में बैठने की जगह पहले तय कर लें। मंगलनाथ और अंगारेश्वर अलग मंदिर हैं।
अनुमानित मूल्य और शामिल व्यवस्था
यहाँ बताई पूजा का अनुमान ₹11,000 से है। स्थान, तिथि और पंडित की व्यवस्था देखकर अंतिम कुल राशि बता दी जाएगी।
- आपकी बुक की गई पूजा और पाठों की पंडित दक्षिणा।
- इस पूजा में लगने वाला सामान्य सामान।
- परिवार के नाम से पूजा और हमारी स्थानीय टीम की सहायता।
मंदिर टिकट, वाहन, आवास, विशेष अर्पण, स्थान का किराया, भोजन और प्रसाद भेजना अलग हैं, जब तक आपके मूल्य में शामिल न हों। कर या अतिरिक्त शुल्क भुगतान से पहले बता दिया जाएगा।
भस्म आरती और महाकालेश्वर प्रवेश की अनुमति इस व्यक्तिगत पूजा से अलग हैं।
