श्री विष्णु अर्चना
विष्णुपद दर्शन के समय आप परिवार के साथ विष्णु अर्चना करवा सकते हैं। पंडित जी आपके नाम से भगवान विष्णु के नामों का पाठ करके तुलसी और फूल चढ़ाते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधि
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विष्णुपद दर्शन के समय आप परिवार के साथ विष्णु अर्चना करवा सकते हैं। पंडित जी आपके नाम से भगवान विष्णु के नामों का पाठ करके तुलसी और फूल चढ़ाते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिविष्णु सहस्रनाम में भगवान विष्णु के एक हजार नाम पढ़े जाते हैं। परिवार की सुख-शांति, एकादशी, जन्मदिन या नियमित पूजा के लिए लोग यह पाठ करवाते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिविवाह के बाद, नए घर में आने पर, पूर्णिमा पर या मनोकामना पूरी होने पर परिवार सत्यनारायण पूजा करवाते हैं। इसमें भगवान विष्णु की पूजा के साथ परिवार के लोग कथा के पाँच अध्याय सुनते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिनवग्रह शांति में नौ ग्रहों की पूजा की जाती है। परिवार गृह प्रवेश के साथ या कुंडली परामर्श के बाद घर की शांति और नए काम में अनुकूलता की प्रार्थना के लिए इसे करवाते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिआरोग्य, लंबी आयु और कठिन समय में हिम्मत के लिए परिवार महामृत्युंजय जाप करवाते हैं। जन्मदिन या पारिवारिक संकल्प पर भी यह जाप रखा जाता है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिनवरात्रि में या माँ से रक्षा और शक्ति की प्रार्थना के लिए दुर्गा सप्तशती पाठ करवाया जाता है। पंडित जी तेरहों अध्यायों में देवी के चरित्र और स्तुतियाँ पढ़ते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिगृह प्रवेश, विवाह, व्यवसाय की शुरुआत या परिवार के किसी शुभ काम से पहले गणपति पूजा और हवन करवा सकते हैं। शुभ शुरुआत, सद्बुद्धि और विघ्न दूर करने की प्रार्थना की जाती है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिदीपावली, नई दुकान या व्यवसाय की शुरुआत और घर की पूजा में लक्ष्मी–गणेश पूजन करवाया जाता है। परिवार सुख-समृद्धि और काम में सद्बुद्धि की प्रार्थना करता है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिनए घर में रहने की शुरुआत पर गृह प्रवेश पूजा करवाई जाती है। घर में रहने वाले सभी लोगों की सुख-शांति और कल्याण की प्रार्थना होती है।
पूजा का महत्व और पूरी विधिहनुमान उपासना, साहस, धैर्य और घर की शांति के लिए सुंदरकांड पाठ करवाया जाता है। पंडित जी तुलसीदास कृत रामचरितमानस का सुंदरकांड पढ़ते हैं, जिसमें हनुमान जी की लंका यात्रा और सीता जी से भेंट के प्रसंग आते हैं।
पूजा का महत्व और पूरी विधिनक्षत्र शांति जन्म नक्षत्र से जुड़ी पूजा है। जन्मदिन, जन्म के बाद की पारिवारिक रीति या पंडित जी की विशेष सलाह पर इसे करवाया जाता है।
पूजा का महत्व और पूरी विधियहाँ अनुमानित मूल्य दिए हैं। बुकिंग से पहले विधि, शामिल सामान और कुल राशि बता दी जाएगी। मंदिर टिकट, यात्रा और विशेष अर्पण अलग हैं, जब तक आपके विवरण में शामिल न हों।
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